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bhagavat 9.3.31: उनके शब्दों को सुनकर, अत्यंत शक्तिशाली देवता ब्रह्मा ने प्रबल हंसी और ककुद्मी से वैसे कहा: हे राजा, जिन लोगों को तुमने अपने हृदय में दामाद के रूप में स्वीकार करने का निश्चय किया था, समय के पाठ्यक्रम में उन सबकी मृत्यु हो चुकी है।   |   bhagavat अध्याय 9.3: सुकन्या तथा च्यवन मुनि का विवाह   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 3: सुकन्या तथा च्यवन मुनि का विवाह  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  9.3.31 
तच्छ्रुत्वा भगवान् ब्रह्मा प्रहस्य तमुवाच ह ।
अहो राजन् निरुद्धास्ते कालेन हृदि ये कृता: ॥ ३१ ॥
 
 
अनुवाद
उनके शब्दों को सुनकर, अत्यंत शक्तिशाली देवता ब्रह्मा ने प्रबल हंसी और ककुद्मी से वैसे कहा: हे राजा, जिन लोगों को तुमने अपने हृदय में दामाद के रूप में स्वीकार करने का निश्चय किया था, समय के पाठ्यक्रम में उन सबकी मृत्यु हो चुकी है।
 
Hearing his words the powerful Brahma laughed loudly and said to Kakudmi: O King, the persons whom you have determined in your heart to make your sons-in-law have died in the course of time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)