Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.24.60: ईश्वर के परम व्यक्तित्व, कृष्ण ने संकर्षण बलराम के सहयोग से ऐसे कार्य किए जो ब्रह्माजी और शिवजी जैसे पुरुषों की समझ के परे हैं (उदाहरण के लिए, कृष्ण ने पूरी दुनिया को राक्षसों से मुक्ति दिलाने के लिए कुरुक्षेत्र युद्ध की व्यवस्था की)। | bhagavat अध्याय 9.24: भगवान् श्रीकृष्ण । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्माण्यपरिमेयाणि मनसापि सुरेश्वरै: ।
सहसङ्कर्षणश्चक्रे भगवान् मधुसूदन: ॥ ६० ॥
अनुवाद
ईश्वर के परम व्यक्तित्व, कृष्ण ने संकर्षण बलराम के सहयोग से ऐसे कार्य किए जो ब्रह्माजी और शिवजी जैसे पुरुषों की समझ के परे हैं (उदाहरण के लिए, कृष्ण ने पूरी दुनिया को राक्षसों से मुक्ति दिलाने के लिए कुरुक्षेत्र युद्ध की व्यवस्था की)।
Lord Krishna, with the help of Sankarshan and Balarama, performed such acts which were beyond the understanding of even men like Brahma and Shiva (for example, Krishna organized the Kurukshetra war to kill the demons to rid the entire world of demons).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥