Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.24.50: धृतादेवा नामक पत्नी के गर्भ से आनकदुन्दुभि (वसुदेव) को विपृष्ठ नामक पुत्र की प्राप्ति हुई। वसुदेव की दूसरी पत्नी शान्तिदेवा के गर्भ से प्रशम, प्रसित इत्यादि पुत्रों का जन्म हुआ। | bhagavat अध्याय 9.24: भगवान् श्रीकृष्ण । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विपृष्ठो धृतदेवायामेक आनकदुन्दुभे: ।
शान्तिदेवात्मजा राजन् प्रशमप्रसितादय: ॥ ५० ॥
अनुवाद
धृतादेवा नामक पत्नी के गर्भ से आनकदुन्दुभि (वसुदेव) को विपृष्ठ नामक पुत्र की प्राप्ति हुई। वसुदेव की दूसरी पत्नी शान्तिदेवा के गर्भ से प्रशम, प्रसित इत्यादि पुत्रों का जन्म हुआ।
Anakadundubhi (Vasudev) got a son named Viprushtha from the womb of Dhritadeva's wife. From the womb of Vasudeva's second wife Shantideva, sons Prasham, Prasit etc. were born.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥