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bhagavat 9.24.43: इसके बाद, राजा वत्सक के पुत्र वृक का जन्म उनकी पत्नी, अप्सरा मिष्रकेशी के गर्भ से हुआ। वृक की पत्नी दुर्वाक्षी ने तक्षक, पुष्कर, शाल और अन्य पुत्रों को जन्म दिया।   |   bhagavat अध्याय 9.24: भगवान् श्रीकृष्ण   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 24: भगवान् श्रीकृष्ण  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.24.43 
मिश्रकेश्यामप्सरसि वृकादीन् वत्सकस्तथा ।
तक्षपुष्करशालादीन् दुर्वाक्ष्यां वृक आदधे ॥ ४३ ॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद, राजा वत्सक के पुत्र वृक का जन्म उनकी पत्नी, अप्सरा मिष्रकेशी के गर्भ से हुआ। वृक की पत्नी दुर्वाक्षी ने तक्षक, पुष्कर, शाल और अन्य पुत्रों को जन्म दिया।
 
Thereafter, King Vatsa's wife, an Apsara named Mishrakeshi gave birth to sons like Vrik etc. Vrik's wife Durvaakshi gave birth to sons like Takshak, Pushkar, Shaal etc.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)