Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.24.37: करूष के राजा वृद्धशर्मा ने कुन्ती की बहन श्रुतदेवा से विवाह किया, और उनके गर्भ से दन्तवक्र का जन्म हुआ। सनकादि मुनियों के शाप के कारण दन्तवक्र पूर्वजन्म में हिरण्याक्ष के रूप में पैदा हुआ था, जो दिति का पुत्र था। | bhagavat अध्याय 9.24: भगवान् श्रीकृष्ण । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
करूष के राजा वृद्धशर्मा ने कुन्ती की बहन श्रुतदेवा से विवाह किया, और उनके गर्भ से दन्तवक्र का जन्म हुआ। सनकादि मुनियों के शाप के कारण दन्तवक्र पूर्वजन्म में हिरण्याक्ष के रूप में पैदा हुआ था, जो दिति का पुत्र था।
King Vriddhasharma of Karusha married Kunti's sister Shrutdeva and Dantavakra was born from her womb. Due to being cursed by the sages Sankadi, Dantavakra was born as Hiranyaksha, the son of Diti in his previous life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥