Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.24.3-4: क्रथ के पुत्र का नाम कुन्ति था, कुन्ति का पुत्र वृष्णि, वृष्णि का पुत्र निर्वृति, निर्वृति का पुत्र दशार्ह, दशार्ह का पुत्र व्योम, व्योम का पुत्र जीमूत, जीमूत का पुत्र विकृति, विकृति का पुत्र भीमरथ, भीमरथ का पुत्र नवरथ और नवरथ का पुत्र दशरथ हुआ। | bhagavat अध्याय 9.24: भगवान् श्रीकृष्ण । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्रथस्य कुन्ति: पुत्रोऽभूद्वृष्णिस्तस्याथ निर्वृति: ।
ततो दशार्हो नाम्नाभूत् तस्य व्योम: सुतस्तत: ॥ ३ ॥
जीमूतो विकृतिस्तस्य यस्य भीमरथ: सुत: ।
ततो नवरथ: पुत्रो जातो दशरथस्तत: ॥ ४ ॥
अनुवाद
क्रथ के पुत्र का नाम कुन्ति था, कुन्ति का पुत्र वृष्णि, वृष्णि का पुत्र निर्वृति, निर्वृति का पुत्र दशार्ह, दशार्ह का पुत्र व्योम, व्योम का पुत्र जीमूत, जीमूत का पुत्र विकृति, विकृति का पुत्र भीमरथ, भीमरथ का पुत्र नवरथ और नवरथ का पुत्र दशरथ हुआ।
Krath's son was Kunti, Kunti's son was Vrishni, Vrishni's son was Nirvrutti, Nirvrutti's son was Dasharha, Dasharha's son was Vyoma, Vyoma's son was Jimut, Jimut's son was Viratthi, Viratthi's son was Bhimrath, Bhimrath's son was Navarath and Navrath's son was Dasharatha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥