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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 9: मुक्ति
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अध्याय 23: ययाति के पुत्रों की वंशावली
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श्लोक 5
श्लोक
9.23.5
अङ्गवङ्गकलिङ्गाद्या: सुह्मपुण्ड्रौड्रसंज्ञिता: ।
जज्ञिरे दीर्घतमसो बले: क्षेत्रे महीक्षित: ॥ ५ ॥
अनुवाद
चक्रवर्ती राजा बलि की पत्नी के गर्भ से दीर्घतमा के वीर्य से छह पुत्रों का जन्म हुआ, जिनके नाम थे अंग, वंग, कलिंग, सुह्म, पुण्ड्र और ओड्र।
From the semen of Dirghatama from the wife of Chakravarti King Bali, six sons were born whose names were Ang, Vanga, Kalinga, Suhm, Pundra and Odr.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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