श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 23: ययाति के पुत्रों की वंशावली  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  9.23.37 
अहं बन्ध्यासपत्नी च स्‍नुषा मे युज्यते कथम् ।
जनयिष्यसि यं राज्ञि तस्येयमुपयुज्यते ॥ ३७ ॥
 
 
अनुवाद
शैब्या ने पूछा, "मैं बाँझ हूँ और मेरी कोई सौतन भी नहीं है। ऐसे में मेरी पुत्रवधू कैसे हो सकती है?" ज्यामघ ने उत्तर दिया, "मेरी प्रिय रानी, मैं देखूँगा कि तुम्हारे पुत्र अवश्य होगा और यह लड़की तुम्हारी पुत्रवधू बनेगी।"
 
Shaibya said, "I am barren and I have no co-wife. How can this girl become my daughter-in-law?" Jyaamgh replied, "My queen! I will see that you really have a son and this girl will become your daughter-in-law."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)