Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.23.3-4: उशीनर के चार पुत्र थे - शिबि, वर, कृमि और दक्ष। शिबि के भी चार पुत्र हुए, जिन्हें वृषादर्भ, सुधीर, मद्र और आत्मतत्त्ववित् केकय कहा जाता था। तितिक्षु का पुत्र रुषद्रथ था, रुषद्रथ का पुत्र होम था, होम का सुतपा और सुतपा का पुत्र बलि था। | bhagavat अध्याय 9.23: ययाति के पुत्रों की वंशावली । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उशीनर के चार पुत्र थे - शिबि, वर, कृमि और दक्ष। शिबि के भी चार पुत्र हुए, जिन्हें वृषादर्भ, सुधीर, मद्र और आत्मतत्त्ववित् केकय कहा जाता था। तितिक्षु का पुत्र रुषद्रथ था, रुषद्रथ का पुत्र होम था, होम का सुतपा और सुतपा का पुत्र बलि था।
Ushinar had four sons – Shibi, Vara, Krimi and Daksh. Shibi also had four sons – Vrishadharbha, Sudhir, Madra and Atmatattvavit Kekaya. Titikshu's son was Rushadratha; Rushadratha's son was Homa; Sutapa of Homa and Sutapa's son was Bali.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥