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श्लोक 9.22.39  |
सहस्रानीकस्तत्पुत्रस्ततश्चैवाश्वमेधज: ।
असीमकृष्णस्तस्यापि नेमिचक्रस्तु तत्सुत: ॥ ३९ ॥ |
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| अनुवाद |
| शतानीक के पुत्र सहस्रानीक होंगे और उनके पुत्र का नाम अश्वमेधज होगा। अश्वमेधज से असीमकृष्ण उत्पन्न होंगे और उनके पुत्र नेमिचक्र होंगे। |
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| शतानीक के पुत्र सहस्रानीक होंगे और उनके पुत्र का नाम अश्वमेधज होगा। अश्वमेधज से असीमकृष्ण उत्पन्न होंगे और उनके पुत्र नेमिचक्र होंगे। |
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