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bhagavat 9.22.35: हे मेरे प्रभु राजा, आपके चार पुत्र—जनमेजय, श्रुतसेन, भीमसेन और उग्रसेन अत्यन्त बलवान हैं। जनमेजय उनमें सबसे बड़ा है।   |   bhagavat अध्याय 9.22: अजमीढ के वंशज   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 22: अजमीढ के वंशज  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  9.22.35 
तवेमे तनयास्तात जनमेजयपूर्वका: ।
श्रुतसेनो भीमसेन उग्रसेनश्च वीर्यवान् ॥ ३५ ॥
 
 
अनुवाद
हे मेरे प्रभु राजा, आपके चार पुत्र—जनमेजय, श्रुतसेन, भीमसेन और उग्रसेन अत्यन्त बलवान हैं। जनमेजय उनमें सबसे बड़ा है।
 
O King, your four sons—Janamejaya, Shrutasena, Bhimasena and Ugrasena—are very powerful. Janamejaya is the eldest among them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)