नकुल ने अपनी पत्नी करेणुमती से नरमित्र नामक पुत्र को जन्म दिया। इसी तरह, अर्जुन को नागकन्या उलुपी से इरावान नाम का एक पुत्र और मणिपुर की राजकुमारी से बभ्रुवाहन नाम का एक पुत्र प्राप्त हुआ। बभ्रुवाहन मणिपुर के राजा का दत्तक पुत्र बन गया।
Nakul had a son named Naramitra from his wife Karenumati. Similarly, Arjuna had a son named Iravan from his wife named Nagakanya Ulupi and a son named Babhruvahan from the womb of the princess of Manipur. Babhruvahan became the adopted son of the king of Manipur.
तात्पर्य
यह समझना होगा कि पार्वती बहुत पुराने पहाड़ी देश के राजा की पुत्री हैं जिसे मणिपुर राज्य के नाम से जाना जाता है। पाँच हज़ार साल पहले जब पाण्डवों का शासन था तब मणिपुर अस्तित्व में था, साथ ही उसके राजा भी। इसलिए यह राज्य बहुत पुराना, कुलीन वैष्णव राज्य है। अगर इस राज्यों को एक वैष्णव राज्य के रूप में संगठित किया जाता है, यह पुनरुत्थान बहुत सफल होगा क्योंकि पाँच हज़ार सालों से इस राज्य ने अपनी पहचान बनाये रखी है। अगर वहाँ वैष्णव भावना का पुनरुत्थान होता है, यह एक अद्भुत जगह होगी, जो पूरी दुनिया में मशहूर होगी। वैष्णव समाज में मणिपुरी वैष्णव बहुत प्रसिद्ध हैं। वृन्दावन और नवद्वीप में कई मंदिर हैं जिनका निर्माण मणिपुर के राजा ने करवाया था। हमारे कुछ भक्त मणिपुर राज्य के हैं। इसलिए कृष्ण चेतना आन्दोलन को कृष्ण भावना भक्तों के सहयोगी प्रयास से मणिपुर राज्य में अच्छी तरह से फैलाया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥