Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.21.27: द्विमीढ के पुत्र यवीनर हुए और यवीनर के पुत्र कृतिमान हुए। कृतिमान के पुत्र को सत्यधृति के नाम से जाना जाता था। सत्यधृति के पुत्र का नाम दृढनेमि था और दृढनेमि ने सुपार्श्व को जन्म दिया। | bhagavat अध्याय 9.21: भरत का वंश । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्विमीढ के पुत्र यवीनर हुए और यवीनर के पुत्र कृतिमान हुए। कृतिमान के पुत्र को सत्यधृति के नाम से जाना जाता था। सत्यधृति के पुत्र का नाम दृढनेमि था और दृढनेमि ने सुपार्श्व को जन्म दिया।
Dwimidh's son was Yavinar and his son was Kritiman. Kritiman's son was famous by the name of Satyadhriti. Satyadhriti had a son named Dharnemi who became the father of Suparshva.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥