श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 21: भरत का वंश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  9.21.17 
ईश्वरालम्बनं चित्तं कुर्वतोऽनन्यराधस: ।
माया गुणमयी राजन्स्वप्नवत् प्रत्यलीयत ॥ १७ ॥
 
 
अनुवाद
हे महाराज परीक्षित, राजा रन्तिदेव के शुद्ध भक्त, हमेशा कृष्ण-भावना में लीन और पूर्णतः निष्काम होने के कारण भगवान की माया उनके सामने प्रकट नहीं हो सकी। बल्कि माया एक स्वप्न के समान पूरी तरह से विलीन हो गई।
 
O King Parikshit, since King Rantidev was a pure devotee, always Krishna conscious and completely selfless, the Maya of the Lord could not appear before him. On the contrary, Maya was completely destroyed like a dream.
तात्पर्य
जैसे कि कहा गया है:

कृष्ण - सूर्य-समा; माया है अँधेरा

जहां कृष्ण, वहाँ नहीं माया का अधिकार

जैसे धूप में अँधेरा होने की कोई संभावना नहीं है, वैसे ही एक शुद्ध कृष्ण भावित व्यक्ति में माया का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता। स्वयं भगवान ने भगवद गीता में (7.14) कहा है:

दैवी ह्येषा गुणमयी

मम माया दुरत्यया

मामेव ये प्रपद्यते

मायामेतां तरन्ति ते

"मेरी यह दिव्य ऊर्जा, भौतिक प्रकृति के तीनों गुणों से युक्त है, इस पर विजय पाना कठिन है। किंतु जो लोग मेरे शरण में आ जाते हैं, वे आसानी से इसे पार कर सकते हैं।" यदि कोई माया के प्रभाव से मुक्त होना चाहता है, तो उसे कृष्ण भावित होना होगा और उसे अपने हृदय की कोर में कृष्ण को हमेशा प्रमुख रखना होगा। भगवद गीता (9.34) में भगवान ने सलाह दी है कि व्यक्ति हमेशा उनका चिंतन करे (मन-मन भव मद-भक्तो मद-याजी माँ नमस्करु)। इस प्रकार, हमेशा कृष्ण-विचारी या कृष्ण भावित रहकर, व्यक्ति माया के प्रभाव (मायामेतां तरन्ति ते) से पार पा सकता है। क्योंकि रंतिदेव कृष्ण भावित थे, इसलिए वे माया के प्रभाव में नहीं थे। इस संबंध में स्वपनवत शब्द महत्वपूर्ण है। क्योंकि भौतिक जगत में मन भौतिकवादी गतिविधियों में लीन रहता है, जब व्यक्ति सोता है तो उसके सपनों में कई विरोधाभासी गतिविधियाँ दिखाई देती हैं। हालाँकि, जब व्यक्ति जागता है, तो ये गतिविधियाँ अपने आप मन में विलीन हो जाती हैं। इसी तरह, जब तक कोई भौतिक ऊर्जा के प्रभाव में रहता है, वह कई योजनाएँ और योजनाएँ बनाता है, लेकिन जब कोई कृष्ण भावित होता है तो ऐसी स्वप्न जैसी योजनाएँ अपने आप गायब हो जाती हैं।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)