Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.21.15: तत्पश्चात् लोगों की इच्छित फल देकर उनकी सारी भौतिक इच्छाओं को पूरा करने वाले ब्रह्माजी और शिवजी जैसे देवताओं ने राजा रन्तिदेव के समक्ष अपना असली स्वरूप प्रकट किया क्योंकि वे ही ब्राह्मण, शूद्र, चांडाल आदि के रूप में उनके पास आए थे। | bhagavat अध्याय 9.21: भरत का वंश । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् लोगों की इच्छित फल देकर उनकी सारी भौतिक इच्छाओं को पूरा करने वाले ब्रह्माजी और शिवजी जैसे देवताओं ने राजा रन्तिदेव के समक्ष अपना असली स्वरूप प्रकट किया क्योंकि वे ही ब्राह्मण, शूद्र, चांडाल आदि के रूप में उनके पास आए थे।
Thereafter, the demigods like Brahma and Shiva, who fulfill all the material desires of people by giving them the desired fruits, revealed their forms to King Rantidev as they had come to him in the form of Brahmin, Shudra, Chandala etc.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥