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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 9: मुक्ति
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अध्याय 20: पूरु का वंश
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श्लोक 6
श्लोक
9.20.6
ऋतेयो रन्तिनावोऽभूत् त्रयस्तस्यात्मजा नृप ।
सुमतिर्ध्रुवोऽप्रतिरथ: कण्वोऽप्रतिरथात्मज: ॥ ६ ॥
अनुवाद
ऋतेयु के पुत्र रन्तिनाव हुए जिनके तीन पुत्र थे जिनके नाम सुमति, ध्रुव और अप्रतिरथ थे। अप्रतिरथ का एकमात्र पुत्र था जिसका नाम कण्व था।
Riteyu had a son named Rantinav who had three sons named Sumati, Dhruva and Apratiratha. Apratiratha's only son was named Kanva.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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