Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.20.35: इस प्रकार राजा के लिए सन्तान प्राप्ति के लिए जब सारे प्रयत्न विफल हो गए तो उसने पुत्र प्राप्ति के लिए मरुत्-स्तोम नामक यज्ञ किया। सभी मरुत-गण इससे पूरी तरह संतुष्ट हो गए और उन्होंने उसे भरद्वाज नामक एक पुत्र का उपहार दिया। | bhagavat अध्याय 9.20: पूरु का वंश । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार राजा के लिए सन्तान प्राप्ति के लिए जब सारे प्रयत्न विफल हो गए तो उसने पुत्र प्राप्ति के लिए मरुत्-स्तोम नामक यज्ञ किया। सभी मरुत-गण इससे पूरी तरह संतुष्ट हो गए और उन्होंने उसे भरद्वाज नामक एक पुत्र का उपहार दिया।
When the king's efforts to have a child failed in this way, he performed a yajna called Marutstoma to get a son. All the Marutganas were completely satisfied with him and gifted him a son named Bharadwaj.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥