Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.20.31: पूर्वकाल में असुरों ने देवताओं को परास्त कर रसातल नामक निचले लोक में शरण ली और देवताओं की समस्त पत्नियों और कन्याओं को भी वहीं ले आए। किंतु महाराज भरत ने उन सभी स्त्रियों को उनके परिजनों समेत असुरों के चंगुल से छुड़ाकर देवताओं को सौंप दिया। | bhagavat अध्याय 9.20: पूरु का वंश । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जित्वा पुरासुरा देवान् ये रसौकांसि भेजिरे ।
देवस्त्रियो रसां नीता: प्राणिभि: पुनराहरत् ॥ ३१ ॥
अनुवाद
पूर्वकाल में असुरों ने देवताओं को परास्त कर रसातल नामक निचले लोक में शरण ली और देवताओं की समस्त पत्नियों और कन्याओं को भी वहीं ले आए। किंतु महाराज भरत ने उन सभी स्त्रियों को उनके परिजनों समेत असुरों के चंगुल से छुड़ाकर देवताओं को सौंप दिया।
In ancient times, all the demons had defeated the gods and had taken refuge in the netherworld called Rasatal and they had also brought the wives and daughters of all the gods there. But Bharat Maharaj rescued all these women along with their companions from the clutches of the demons and returned them to the gods.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥