Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.2.8: जब सुबह आई तो पृषध्र ने देखा कि उसने गाय को मार डाला है, जबकि रात में उसे लगा था कि उसने बाघ को मार डाला है। यह सोचकर वह बहुत दुखी हुआ, क्योंकि वह अपने शत्रु का दमन करने में समर्थ था। | bhagavat अध्याय 9.2: मनु के पुत्रों की वंशावलियाँ । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सुबह आई तो पृषध्र ने देखा कि उसने गाय को मार डाला है, जबकि रात में उसे लगा था कि उसने बाघ को मार डाला है। यह सोचकर वह बहुत दुखी हुआ, क्योंकि वह अपने शत्रु का दमन करने में समर्थ था।
Pṛṣadhra, who was able to subdue his enemy, was very sad when he saw in the morning that he had killed the cow, although at night he had thought that he had killed a tiger.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥