Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.2.5-6: जब एक बहुत ताकतवर बाघ ने एक गाय को पकड़ लिया तो डरकर गाय चिल्लाने लगी। पृषध्र ने यह चीख सुनी और तुरंत उस आवाज के पीछे भागने लगा। उसने अपनी तलवार निकाली, पर बादलों के कारण अंधेरा था और मानों इन तारों ने पृषध्र का साथ दिया हो। न जाने किस भ्रम में उसे गाय बाघ दिखाई पड़ी और उसने गाय का सिर बहुत जोर से काट दिया। | bhagavat अध्याय 9.2: मनु के पुत्रों की वंशावलियाँ । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब एक बहुत ताकतवर बाघ ने एक गाय को पकड़ लिया तो डरकर गाय चिल्लाने लगी। पृषध्र ने यह चीख सुनी और तुरंत उस आवाज के पीछे भागने लगा। उसने अपनी तलवार निकाली, पर बादलों के कारण अंधेरा था और मानों इन तारों ने पृषध्र का साथ दिया हो। न जाने किस भ्रम में उसे गाय बाघ दिखाई पड़ी और उसने गाय का सिर बहुत जोर से काट दिया।
When a very strong tiger caught a cow, it started screaming in fear. Prshadhra heard this scream and immediately started following the sound. He took out his sword but since the stars were covered by clouds, he mistook the cow for a tiger and cut off its head with great force.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥