श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 2: मनु के पुत्रों की वंशावलियाँ  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  9.2.31 
तं भेजेऽलम्बुषा देवी भजनीयगुणालयम् ।
वराप्सरा यत: पुत्रा: कन्या चेलविलाभवत् ॥ ३१ ॥
 
 
अनुवाद
अप्सराओं में श्रेष्ठ और अत्यंत गुणवान कन्या अलम्बुषा ने अपने ही समान योग्यता वाले तृणबिन्दु को पति रूप में स्वीकार किया। उसके कुछ पुत्र और इलविला नाम की एक कन्या उत्पन्न हुई।
 
अप्सराओं में श्रेष्ठ और अत्यंत गुणवान कन्या अलम्बुषा ने अपने ही समान योग्यता वाले तृणबिन्दु को पति रूप में स्वीकार किया। उसके कुछ पुत्र और इलविला नाम की एक कन्या उत्पन्न हुई।
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