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bhagavat 9.18.4: राजा ययाति के चार छोटे भाई थे, जिन्हें राजा ययाति ने चारों दिशाओं पर शासन करने दिया। राजा ययाति ने स्वयं शुक्राचार्य की बेटी देवयानी एवं वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा से विवाह किया और पूरी पृथ्वी पर शासन करने लगे।   |   bhagavat अध्याय 9.18: राजा ययाति को यौवन की पुन:प्राप्ति   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 18: राजा ययाति को यौवन की पुन:प्राप्ति  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.18.4 
चतसृष्वादिशद् दिक्षु भ्रातृन् भ्राता यवीयस: ।
कृतदारो जुगोपोर्वीं काव्यस्य वृषपर्वण: ॥ ४ ॥
 
 
अनुवाद
राजा ययाति के चार छोटे भाई थे, जिन्हें राजा ययाति ने चारों दिशाओं पर शासन करने दिया। राजा ययाति ने स्वयं शुक्राचार्य की बेटी देवयानी एवं वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा से विवाह किया और पूरी पृथ्वी पर शासन करने लगे।
 
King Yayati had four younger brothers whom he allowed to rule the four directions. Yayati married Devayani, the daughter of Shukracharya and Sharmishtha, the daughter of Vrishparva and he began to rule the entire earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)