Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.17.15: उसके बाद, देवताओं के गुरु बृहस्पति ने अग्नि में आहुति दी ताकि रजी के पुत्र नैतिक सिद्धांतों से गिर सकें। जब वे गिरे, तो इन्द्र ने उनके पतन के कारण उन्हें आसानी से मार डाला। उनमें से एक भी जीवित नहीं बचा। | bhagavat अध्याय 9.17: पुरूरवा के पुत्रों की वंशावली । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके बाद, देवताओं के गुरु बृहस्पति ने अग्नि में आहुति दी ताकि रजी के पुत्र नैतिक सिद्धांतों से गिर सकें। जब वे गिरे, तो इन्द्र ने उनके पतन के कारण उन्हें आसानी से मार डाला। उनमें से एक भी जीवित नहीं बचा।
Then Brihaspati, the Guru of the Gods, offered sacrifices in the fire so that the sons of Raji could fall below the moral principles. When they fell, Indra killed them easily because of their fall. Not even one of them survived.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥