Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.17.13: देवताओं की प्रार्थना पर रजी ने दैत्यों का वध कर स्वर्ग का राज्य वापस इंद्र को सौंप दिया। किन्तु इंद्र प्रह्लाद जैसे दैत्यों से डरकर वापस स्वर्ग का राज्य रजी को लौटा दिया और स्वंय उनके चरणों में आश्रय लिया। | bhagavat अध्याय 9.17: पुरूरवा के पुत्रों की वंशावली । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं की प्रार्थना पर रजी ने दैत्यों का वध कर स्वर्ग का राज्य वापस इंद्र को सौंप दिया। किन्तु इंद्र प्रह्लाद जैसे दैत्यों से डरकर वापस स्वर्ग का राज्य रजी को लौटा दिया और स्वंय उनके चरणों में आश्रय लिया।
On the request of the gods, Raji killed the demons and returned the kingdom of heaven to Indradev. But due to fear of demons like Prahlad, Indra returned the kingdom of heaven to Raji and himself took refuge at his lotus feet.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥