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bhagavat 9.16.3: वह जल लेकर गंगा नदी से लौटी थी, किन्तु जब उसने गन्धर्वराज चित्ररथ को अप्सराओं के साथ विहार करते देखा तो वह उसकी ओर उन्मुख सी हुई और यह भूल ही गई कि अग्निहोत्र का समय बीत रहा है।   |   bhagavat अध्याय 9.16: भगवान् परशुराम द्वारा विश्व के क्षत्रियों का विनाश   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 16: भगवान् परशुराम द्वारा विश्व के क्षत्रियों का विनाश  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  9.16.3 
विलोकयन्ती क्रीडन्तमुदकार्थं नदीं गता ।
होमवेलां न सस्मार किञ्चिच्चित्ररथस्पृहा ॥ ३ ॥
 
 
अनुवाद
वह जल लेकर गंगा नदी से लौटी थी, किन्तु जब उसने गन्धर्वराज चित्ररथ को अप्सराओं के साथ विहार करते देखा तो वह उसकी ओर उन्मुख सी हुई और यह भूल ही गई कि अग्निहोत्र का समय बीत रहा है।
 
She had gone to fetch water from the river Ganga, but when she saw the Gandharva king Chitrarath roaming around with the Apsaras, she turned towards him and forgot that the time for Agnihotra was passing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)