Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.16.1: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे महाराज परीक्षित, हे कुरुवंशी, जब भगवान परशुराम को उनके पिता ने यह आज्ञा दी तब उन्होंने तत्क्षण ही “तथास्तु” कहते हुए उसे स्वीकार कर लिया। एक पूर्ण वर्ष तक वे तीर्थस्थलों की यात्रा करते रहे। तत्पश्चात वे अपने पिता के आश्रम में लौट आये। | bhagavat अध्याय 9.16: भगवान् परशुराम द्वारा विश्व के क्षत्रियों का विनाश । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे महाराज परीक्षित, हे कुरुवंशी, जब भगवान परशुराम को उनके पिता ने यह आज्ञा दी तब उन्होंने तत्क्षण ही “तथास्तु” कहते हुए उसे स्वीकार कर लिया। एक पूर्ण वर्ष तक वे तीर्थस्थलों की यात्रा करते रहे। तत्पश्चात वे अपने पिता के आश्रम में लौट आये।
Sukadeva Goswami said: O Maharaja Pariksit, O descendant of the Kuru dynasty, when Lord Parasurama was given this command by his father, he immediately accepted it, saying, “It shall be so.” He continued to visit holy places for a year. Thereafter, he returned to his father's hermitage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥