Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.15.32: अपने फरसे और बाणों की चोटों से परशुराम ने कार्तवीर्यार्जुन के सैनिकों की ढालों, उनके झंडों, धनुषों और उनके शरीरों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। युद्धभूमि में ये सैनिक गिरते गए और उनके लहू से धरती सराबोर हो गई। अपनी सेना की यह हार देखकर कार्तवीर्यार्जुन क्रोध में भरकर युद्धभूमि की ओर दौड़ा। | bhagavat अध्याय 9.15: भगवान् का योद्धा अवतार, परशुराम । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने फरसे और बाणों की चोटों से परशुराम ने कार्तवीर्यार्जुन के सैनिकों की ढालों, उनके झंडों, धनुषों और उनके शरीरों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। युद्धभूमि में ये सैनिक गिरते गए और उनके लहू से धरती सराबोर हो गई। अपनी सेना की यह हार देखकर कार्तवीर्यार्जुन क्रोध में भरकर युद्धभूमि की ओर दौड़ा।
Arranging his axe and arrows, Parashurama broke into pieces the shields, flags, bows and bodies of Kartavirya Arjuna's soldiers who fell on the battlefield and the ground was soiled with their blood. Seeing his defeat, Kartavirya Arjuna rushed towards the battlefield in a very angry mood.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥