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bhagavat 9.14.7: इन्द्र ने सभी देवताओं को अपने साथ मिलाकर बृहस्पति का साथ दिया। इस प्रकार एक भयंकर युद्ध हुआ जिसमें केवल बृहस्पति की पत्नी तारा के कारण ही असुर और देवता दोनों का विनाश हो गया।   |   bhagavat अध्याय 9.14: पुरुरवा का उर्वशी पर मोहित होना   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 14: पुरुरवा का उर्वशी पर मोहित होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.14.7 
सर्वदेवगणोपेतो महेन्द्रो गुरुमन्वयात् ।
सुरासुरविनाशोऽभूत् समरस्तारकामय: ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने सभी देवताओं को अपने साथ मिलाकर बृहस्पति का साथ दिया। इस प्रकार एक भयंकर युद्ध हुआ जिसमें केवल बृहस्पति की पत्नी तारा के कारण ही असुर और देवता दोनों का विनाश हो गया।
 
Indra took all the gods along with him and sided with Brihaspati. Thus a great war took place in which the demons and the gods were destroyed because of Brihaspati's wife Tara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)