Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.14.35: हे देवी, चूँकि तुमने मेरा इन्कार कर दिया है, इस कारण मेरा यह सुंदर शरीर यहीं गिर जाएगा और क्योंकि मैं तुम्हारे सुखों के अनुरूप नहीं हूँ, इसे लोमड़ियाँ और गिद्ध खा जाएँगे। | bhagavat अध्याय 9.14: पुरुरवा का उर्वशी पर मोहित होना । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवी, चूँकि तुमने मेरा इन्कार कर दिया है, इस कारण मेरा यह सुंदर शरीर यहीं गिर जाएगा और क्योंकि मैं तुम्हारे सुखों के अनुरूप नहीं हूँ, इसे लोमड़ियाँ और गिद्ध खा जाएँगे।
O Goddess, since you have rejected me, this beautiful body of mine will be destroyed here and since I am not suitable for your happiness, it will be eaten by foxes and vultures.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥