अत्रे: पत्नी अनसूया त्रीन्
जज्ञे सुयशस: सुतान्
दत्तं दुर्वाससं सोम
आत्मेश-ब्रह्म-सम्भवान्
यह श्लोक वर्णन करता है कि अत्रि ऋषि की पत्नी अनसूया ने तीन पुत्रों को जन्म दिया- सोम, दुर्वासा और दत्तात्रेय। कहा जाता है कि गर्भधारण के समय अनसूया को अत्रि के आँसुओं से निषेचित किया गया था।
