Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.14.25: उर्वशी का शरीर कमल के केसर की तरह सुगंधित था। उसके चेहरे और शरीर की खुशबू से प्रेरित होकर, पुरुरवा ने बहुत खुशी के साथ कई दिनों तक उसके साथ प्रेम किया। | bhagavat अध्याय 9.14: पुरुरवा का उर्वशी पर मोहित होना । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रममाणस्तया देव्या पद्मकिञ्जल्कगन्धया ।
तन्मुखामोदमुषितो मुमुदेऽहर्गणान् बहून् ॥ २५ ॥
अनुवाद
उर्वशी का शरीर कमल के केसर की तरह सुगंधित था। उसके चेहरे और शरीर की खुशबू से प्रेरित होकर, पुरुरवा ने बहुत खुशी के साथ कई दिनों तक उसके साथ प्रेम किया।
Urvashi's body was fragrant like the saffron of a lotus. Inspired by the fragrance of her face and body, Pururava enjoyed the company of her for many days with great joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥