Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.14.19: राजा पुरुरवा बोले: हे अति सुंदर स्त्री, तुम्हारा स्वागत है। कृपा करके यहाँ बैठो और कहो कि मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ? तुम जितना चाहो मेरे साथ भोग कर सकती हो। हम दोनों सुखपूर्वक यौन संबंधों में अपना जीवन व्यतीत करें। | bhagavat अध्याय 9.14: पुरुरवा का उर्वशी पर मोहित होना । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीराजोवाच
स्वागतं ते वरारोहे आस्यतां करवाम किम् ।
संरमस्व मया साकं रतिर्नौ शाश्वती: समा: ॥ १९ ॥
अनुवाद
राजा पुरुरवा बोले: हे अति सुंदर स्त्री, तुम्हारा स्वागत है। कृपा करके यहाँ बैठो और कहो कि मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ? तुम जितना चाहो मेरे साथ भोग कर सकती हो। हम दोनों सुखपूर्वक यौन संबंधों में अपना जीवन व्यतीत करें।
King Pururava said: O best beauty, you are welcome. Please sit here and tell me what I can do for you? You can enjoy with me as long as you want. Let us both live a happy married life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥