Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 9.13.7: यज्ञ के अनुष्ठान के दौरान महाराज निमि ने जो शरीर त्यागा उसे सुगंधित पदार्थों से संरक्षित किया गया और सत्र-याग के अंत में, ऋषियों और ब्राह्मणों ने वहाँ एकत्र हुए सभी देवताओं से निम्नलिखित प्रार्थना की।   |   bhagavat अध्याय 9.13: महाराज निमि की वंशावली   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 13: महाराज निमि की वंशावली  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.13.7 
गन्धवस्तुषु तद् देहं निधाय मुनिसत्तमा: ।
समाप्ते सत्रयागे च देवानूचु: समागतान् ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
यज्ञ के अनुष्ठान के दौरान महाराज निमि ने जो शरीर त्यागा उसे सुगंधित पदार्थों से संरक्षित किया गया और सत्र-याग के अंत में, ऋषियों और ब्राह्मणों ने वहाँ एकत्र हुए सभी देवताओं से निम्नलिखित प्रार्थना की।
 
While performing the sacrifice, the body of Maharaja Nimi was preserved with fragrant substances, and at the end of the Satrayaga, the sages and Brahmins offered the following prayer to all the gods assembled there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)