Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.13.26: ऋत के पुत्र शुनक थे, शुनक के वीतहव्य, वीतहव्य के धृति, धृति के बहुलाश्व, बहुलाश्व के कृति और उनके पुत्र महावशी थे। | bhagavat अध्याय 9.13: महाराज निमि की वंशावली । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋत के पुत्र शुनक थे, शुनक के वीतहव्य, वीतहव्य के धृति, धृति के बहुलाश्व, बहुलाश्व के कृति और उनके पुत्र महावशी थे।
Rta's son was Shunak, Shunak's son was Vitahavya, Vitahavya's son was Dhriti, Dhriti's son was Bahulashva, Bahulashva's son was Kriti and his son was Mahavashi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥