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bhagavat 9.11.8: शुकदेव गोस्वामी ने कहा : एक बार रात के समय भगवान् रामचन्द्र ने अपने विषय में लोगों का अभिमत जानने के लिए किसी को बताए बिना वेश बदलकर छिपकर चलना शुरू कर दिया। उस समय उन्होंने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी सीतादेवी के विषय में अनुचित बातें कहते हुए सुना।   |   bhagavat अध्याय 9.11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  9.11.8 
कदाचिल्लोकजिज्ञासुर्गूढो रात्र्यामलक्षित: ।
चरन्वाचोऽश‍ृणोद् रामो भार्यामुद्दिश्य कस्यचित् ॥ ८ ॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा : एक बार रात के समय भगवान् रामचन्द्र ने अपने विषय में लोगों का अभिमत जानने के लिए किसी को बताए बिना वेश बदलकर छिपकर चलना शुरू कर दिया। उस समय उन्होंने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी सीतादेवी के विषय में अनुचित बातें कहते हुए सुना।
 
Sukadeva Goswami further said: Once when Lord Ramacandra was roaming around at night in disguise without telling anybody to know people's opinion about Him, He heard a man saying inappropriate things about his wife Sita Devi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)