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bhagavat 9.11.29: भगवान रामचंद्र जहाँ कहीं जाते, लोग पूजा की सामग्री लेकर उनके पास पहुँचते और उनके आशीर्वाद की याचना करते थे। वे कहते, "हे प्रभु, आपने वराह अवतार में समुद्र तल से पृथ्वी को उभारा था, उसी तरह अब इसकी सुरक्षा भी करें। हम आपसे यही आशीर्वाद माँगते हैं।"   |   bhagavat अध्याय 9.11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  9.11.29 
तमुपेयुस्तत्र तत्र पौरा अर्हणपाणय: ।
आशिषो युयुजुर्देव पाहीमां प्राक्त्वयोद्‍धृताम् ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान रामचंद्र जहाँ कहीं जाते, लोग पूजा की सामग्री लेकर उनके पास पहुँचते और उनके आशीर्वाद की याचना करते थे। वे कहते, "हे प्रभु, आपने वराह अवतार में समुद्र तल से पृथ्वी को उभारा था, उसी तरह अब इसकी सुरक्षा भी करें। हम आपसे यही आशीर्वाद माँगते हैं।"
 
Wherever Lord Ramachandra went, people would approach him with worship materials and seek his blessings. They would say, “O Lord, just as you rescued the earth from beneath the ocean in your boar incarnation, please protect it now. This is the blessing we ask of you.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)