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bhagavat 9.11.24: महाराज परीक्षित ने शुकदेव गोस्वामी से प्रश्न किया: भगवान ने स्वयं कैसे व्यवहार किया और अपने अंश रूप भाइयों के साथ कैसा बर्ताव किया? और उनके भाइयों और अयोध्यावासियों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?   |   bhagavat अध्याय 9.11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना   ।   bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  9.11.24 
श्रीराजोवाच
कथं स भगवान् रामो भ्रातृन् वा स्वयमात्मन: ।
तस्मिन् वा तेऽन्ववर्तन्त प्रजा: पौराश्च ईश्वरे ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
महाराज परीक्षित ने शुकदेव गोस्वामी से प्रश्न किया: भगवान ने स्वयं कैसे व्यवहार किया और अपने अंश रूप भाइयों के साथ कैसा बर्ताव किया? और उनके भाइयों और अयोध्यावासियों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?
 
Maharaja Pariksit asked Sukadeva Goswami: How did the Lord Himself behave and how did He behave with His brothers who are His expansions (parts)? And how did His brothers and the people of Ayodhya behave with Him?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)