Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.11.2: भगवान रामचंद्र ने होता पुरोहित को पूरी पूर्व दिशा, ब्रह्मा पुरोहित को पूरी दक्षिण दिशा, अध्वर्यु पुरोहित को पश्चिम दिशा और सामवेद के गायक उद्गाता पुरोहित को उत्तर दिशा दे दी। इस प्रकार उन्होंने अपना पूरा राज्य दान कर दिया। | bhagavat अध्याय 9.11: भगवान् रामचन्द्र का विश्व पर राज्य करना । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
होत्रेऽददाद् दिशं प्राचीं ब्रह्मणे दक्षिणां प्रभु: ।
अध्वर्यवे प्रतीचीं वा उत्तरां सामगाय स: ॥ २ ॥
अनुवाद
भगवान रामचंद्र ने होता पुरोहित को पूरी पूर्व दिशा, ब्रह्मा पुरोहित को पूरी दक्षिण दिशा, अध्वर्यु पुरोहित को पश्चिम दिशा और सामवेद के गायक उद्गाता पुरोहित को उत्तर दिशा दे दी। इस प्रकार उन्होंने अपना पूरा राज्य दान कर दिया।
Lord Ramchandra gave the entire east direction to Hota priest, the entire south direction to Brahma priest, the west direction to Adhvaryu priest and the north direction to Udgata priest, the singer of Samveda. Thus he gave away his entire empire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥