Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 9.10.21: तत्पश्चात् राक्षसराज रावण ने देखा कि उसके सभी सैनिक मारे जा चुके हैं तो वह क्रोध से भर गया। तब वह अपने फूलों से सजे विमान में सवार होकर भगवान् रामचंद्र की ओर बढ़ा, जो इंद्र के सारथी मातलि द्वारा लाए गए दिव्य रथ पर विराजमान थे। इसके बाद रावण ने भगवान् रामचंद्र पर तीक्ष्ण बाणों का प्रहार किया। | bhagavat अध्याय 9.10: परम भगवान् रामचन्द्र की लीलाएँ । bhagavat स्कन्ध 9: मुक्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् राक्षसराज रावण ने देखा कि उसके सभी सैनिक मारे जा चुके हैं तो वह क्रोध से भर गया। तब वह अपने फूलों से सजे विमान में सवार होकर भगवान् रामचंद्र की ओर बढ़ा, जो इंद्र के सारथी मातलि द्वारा लाए गए दिव्य रथ पर विराजमान थे। इसके बाद रावण ने भगवान् रामचंद्र पर तीक्ष्ण बाणों का प्रहार किया।
Thereafter when the demon king Ravana saw that all his soldiers had been killed, he became very angry. Therefore he boarded his plane which was decorated with flowers and proceeded towards Ramachandra who was seated in a magnificent chariot brought by Indra's charioteer Matali. Then Ravana showered sharp arrows on Lord Ramachandra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥