यस्याज्ञया भ्रमति संभ्रत-काल-चक्रो
गोविन्दम आदि-पुरुषं तमहं भजामि
प्रकृति कैसे कार्य करती है, इसका वर्णन करते हुए, ब्रह्म-संहिता कहती है कि सूर्य सर्वोच्च व्यक्ति ईश्वर की इच्छा के अनुसार चलता है। परिणामस्वरूप, भगवान रामचंद्र के लिए वानर सैनिकों की मदद से हिंद महासागर पर एक पुल का निर्माण करना बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं है; यह केवल इस अर्थ में आश्चर्यजनक है कि इसने भगवान रामचंद्र के नाम और प्रसिद्धि को सदैव जीवंत रखा है।
