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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 9: मुक्ति
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अध्याय 1: राजा सुद्युम्न का स्त्री बनना
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श्लोक 41
श्लोक
9.1.41
तस्योत्कलो गयो राजन् विमलश्च त्रय: सुता: ।
दक्षिणापथराजानो बभूवुर्धर्मवत्सला: ॥ ४१ ॥
अनुवाद
हे राजन, सुद्युम्न के तीन अत्यंत पवित्र पुत्र हुए, जिनके नाम उत्कल, गय और विमल थे, जो दक्षिणापथ के राजा बने।
O king, Sudyumna had three very pious sons named Utkala, Gaya and Vimal, who became the kings of Dakshinapatha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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