श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 1: राजा सुद्युम्न का स्त्री बनना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  9.1.31 
ऋषयोऽपि तयोर्वीक्ष्य प्रसङ्गं रममाणयो: ।
निवृत्ता: प्रययुस्तस्मान्नरनारायणाश्रमम् ॥ ३१ ॥
 
 
अनुवाद
शिवजी और पार्वती को रमण करते देख सभी साधुजन तुरन्त आगे बढ़ना त्याग कर नर-नारायण के आश्रम की ओर प्रस्थान कर गये।
 
Seeing Lord Shiva and Goddess Parvati engaged in sexual activity, all the sages immediately stopped going ahead and departed for the ashram of Nara-Narayan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)