श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 1: राजा सुद्युम्न का स्त्री बनना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  9.1.22 
तस्मै कामवरं तुष्टो भगवान् हरिरीश्वर: ।
ददाविलाभवत् तेन सुद्युम्न: पुरुषर्षभ: ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
परम नियन्ता भगवान् वसिष्ठ की प्रार्थना से प्रसन्न होकर उन्हें इच्छित वरदान प्रदान किया। इस तरह इला नामक कन्या सुद्युम्न नामक सुंदर पुरुष में रुपांतरित हो गई।
 
The Supreme Controller was pleased with Vashishtha and gave him the desired boon. In this way Ila was transformed into a handsome man named Sudyumna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)