ब्रह्माजी के विचारों से मरीचि ने जन्म लिया और मरीचि के वीर्य से तथा दक्ष के महाराज कन्या आदिति के गर्भ से कश्यप ने जन्म लिया। कश्यप से अदिति के गर्भ से विवस्वान ने जन्म लिया।
Marichi was born from Brahma's mind and Kashyap was born from Marichi's semen and the womb of Daksha Maharaj's daughter. Vivasvan was born from Aditi's womb through Kashyap.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥