रुद्रस्य यशसो अर्थ्य
स्वयं विष्णु विषं विभुः
न संजये समर्थोऽपि
वायुं चोचे प्रशांतये
लॉर्ड विष्णु स्थिति को सुधारने के लिए सक्षम थे, लेकिन लॉर्ड शिव को श्रेय देने के लिए, जिन्होंने बाद में सभी जहर पी लिया और उसे अपने गले में रखा, लॉर्ड विष्णु ने कोई कार्रवाई नहीं की।
