Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.6.36: देवता और असुर निराश और हताश थे, उनकी भुजाएँ, जाँघें और कंधे टूट चुके थे। तब सर्वज्ञ भगवान, जो सब कुछ जानते हैं, गरुड़ की पीठ पर सवार होकर वहाँ प्रकट हुए। | bhagavat अध्याय 8.6: देवताओं तथा असुरों द्वारा सन्धि की घोषणा । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवता और असुर निराश और हताश थे, उनकी भुजाएँ, जाँघें और कंधे टूट चुके थे। तब सर्वज्ञ भगवान, जो सब कुछ जानते हैं, गरुड़ की पीठ पर सवार होकर वहाँ प्रकट हुए।
The Devtas and Asuras were disheartened and distressed and their arms, thighs and shoulders were broken. Therefore the Omniscient Lord appeared there riding on the back of Garuda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥