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bhagavat 8.6.26: शुकदेव गोस्वामी आगे कहते हैं कि हे राजा परीक्षित! देवताओं को इस प्रकार से उपदेश देने के बाद, सभी जीवों में श्रेष्ठ और स्वतंत्र रहने वाले भगवान उनके सामने से अदृश्य हो गए।   |   bhagavat अध्याय 8.6: देवताओं तथा असुरों द्वारा सन्धि की घोषणा   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 6: देवताओं तथा असुरों द्वारा सन्धि की घोषणा  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  8.6.26 
श्रीशुक उवाच
इति देवान्समादिश्य भगवान् पुरुषोत्तम: ।
तेषामन्तर्दधे राजन्स्वच्छन्दगतिरीश्वर: ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी आगे कहते हैं कि हे राजा परीक्षित! देवताओं को इस प्रकार से उपदेश देने के बाद, सभी जीवों में श्रेष्ठ और स्वतंत्र रहने वाले भगवान उनके सामने से अदृश्य हो गए।
 
Sukadeva Goswami further said: O King Parikshit, after giving this advice to the demigods, the free and best of all living entities disappeared from their sight.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)