अरयोऽपि हि सन्धेया: सति कार्यार्थगौरवे ।
अहिमूषिकवद् देवा ह्यर्थस्य पदवीं गतै: ॥ २० ॥
अनुवाद
हे देवताओं! अपना हित इतना महत्वपूर्ण होता है कि मनुष्य को अपने शत्रुओं से सन्धिपत्र भी करना पड़ सकता है। अपने लाभ के लिए मनुष्य को सांप और चूहे के तर्क के अनुसार काम करना पड़ता है।
O Gods! One's own interest is so important that a man may have to make peace with his enemies. For his own benefit, a man should act according to the logic of the snake and the mouse.
तात्पर्य
एक सांप और एक चूहा एक बार एक टोकरी में फंस गए थे। चूंकि चूहा सांप का भोजन है, तो सांप के लिए यह एक अच्छा अवसर था। हालाँकि, चूँकि वे दोनों एक टोकरी में फंसे हुए थे, भले ही सांप चूहे को खा जाता, साँप बाहर नहीं निकल पाता। इसलिए, सांप ने चूहे के साथ एक समझौता करना बुद्धिमानी समझा और चूहे से टोकरी में एक छेद करने को कहा ताकि वे दोनों बाहर निकल सकें। सांप का इरादा था कि चूहे द्वारा छेद करने के बाद, सांप चूहे को खा जाएगा और छेद से टोकरी से बाहर निकल जाएगा। इसे सांप और चूहे का तर्क कहते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥