श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 5: देवताओं द्वारा भगवान् से सुरक्षा याचना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.5.9 
तत्रापि देवसम्भूत्यां वैराजस्याभवत् सुत: ।
अजितो नाम भगवानंशेन जगत: पति: ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
इस छठे मन्वन्तर में ब्रह्माण्ड के स्वामी भगवान विष्णु ने अपने एक अंश के रूप में अवतार लिया। उनका जन्म वैराज की पत्नी देवसम्भूति के गर्भ से हुआ और उनका नाम अजित था।
 
इस छठे मन्वन्तर में ब्रह्माण्ड के स्वामी भगवान विष्णु ने अपने एक अंश के रूप में अवतार लिया। उनका जन्म वैराज की पत्नी देवसम्भूति के गर्भ से हुआ और उनका नाम अजित था।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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