Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.5.17-18: अपने जीवन को ऐसी स्थिति में देखकर, इन्द्र, वरुण और अन्य देवताओं ने आपस में विचार-विमर्श किया, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। तब सभी देवता एक साथ इकट्ठा हुए और सुमेरु पर्वत की चोटी पर चले गए। वहां, भगवान ब्रह्मा की सभा में उन्होंने ब्रह्मा जी को दंडवत प्रणाम किया और जो कुछ भी हुआ था, उसके बारे में उन्हें अवगत कराया। | bhagavat अध्याय 8.5: देवताओं द्वारा भगवान् से सुरक्षा याचना । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने जीवन को ऐसी स्थिति में देखकर, इन्द्र, वरुण और अन्य देवताओं ने आपस में विचार-विमर्श किया, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। तब सभी देवता एक साथ इकट्ठा हुए और सुमेरु पर्वत की चोटी पर चले गए। वहां, भगवान ब्रह्मा की सभा में उन्होंने ब्रह्मा जी को दंडवत प्रणाम किया और जो कुछ भी हुआ था, उसके बारे में उन्हें अवगत कराया।
Seeing their lives in such a state, Indra, Varuna and other gods discussed among themselves, but they could not find any solution. Then all the gods gathered and together they went to the top of Sumeru mountain. There in the assembly of Brahma ji, everyone prostrated before Brahma ji and informed him about all the incidents.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥